रसिया धनगर गीत
बहन धनगर ने जुल्म गुजारियो
सपने में बादर फारियो
1-धनगर रात स्वप्न में आयो
मेरो रोम रोम हर्षायो
प्रकट भयो घर मेरे बंशी बारो
सपने में बादर ----------
2-श्याम रंग और बदन गठीला
जवानी में लग रहयों संजीला
बहन जीतो काली कमली बारों
सपने में -----------------
3- हंस हंस के मोते बतरायो
बातन में मनुआ भरमायो
अरी री जानें केसों जादू डारो
सपने में ------------
4-जबरन दीन्ही मोड़ कलाई
लाजन मारी बहुत शरमाई
अरी रीजीतो मान्योना बजमारो
सपने में --------
5-अंग अंग में जादू डारो
जैसे नाग डस गयो कारो
अरी री वो तो झूम रहो मतवारो
सपने में ----------
6-आंख खुली हिल्की भर रोई
तन मन की सब ,सुधि बुद्धि खोई
"धनगर" लुक्यो "पचावर" बारो
सपने में बादर फारियो
रुपेश धनगर ,मथुरा
9410490520