मंगलवार, 13 अक्टूबर 2020

भारत की बेटियों

           भारत की बेटियों

भारत की बेटियो मेरी बात मान लो
 तिरछी नजर उठे खंजर को तान लो 

भारत की बेटियों मेरी बात मान लो

 ले चल पड़ो मसाले करने नए उजाले 
हाथों की छोड़ मेहंदी ले लो करो में भाले 
कर भेड़ियों का मर्दन जिद अपनी ठान लो

भारत की बेटियों मेरी बात मान लो

निंद्रा में जग हमेशा  नारी छली गई 
कांटों से हुई जुदा वो मसली कली गई 
बहरूपिये मुखोटे न वांगवा  मान लो

भारत की बेटियों मेरी बात मान लो 

युग युग की ये कहानी सदियों से भी पुरानी 
पग पग पे मुश्किल थी सीता हो देवज्ञानी 
मिथकों से आगे निकलो विज्ञान ज्ञान लो 

भारत की बेटियों मेरी बात मान लो 

दहलीज की रुकावट घुंघट की बंदिशें
सब हाशिए पर ठेलो जितनी हो रंजिशें 
कर गर्व ही खुद ही पर अभिमान मान लो 

भारत की बेटियों मेरी बात मान लो 

करती सृजन रही हो मातृत्व धारकर 
बन जाओ अब तो काली दुष्टों को मारकर 
तुम कम नहीं किसी से संबिधान जान लो

भारत की बेटियों मेरी बात मान लो 

रूपेश धनगर मथुरा
9410490520

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