मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

नूतन बर्ष 2020 की हार्दिक शुभकामनाएं

हर तन में खुशिया जगे,हर पल हर दिन हर्ष I
सव दुबिधा का अंत कर ,आये नूतन बर्ष II 1

शीत लहर नित बह रही,दिनकर हुए निढाल I
नभ,जल,थल,का शीत से,हुआ हाल बेहाल II 2

नये साल में आपको,मिले नयी सौगात I
नये नये अबसर मिले, नयी नयी हो बात II 3

नयी नवेली रात हो,नया नया दिनमान ।
दिल मे उपवन से खिले,फूलो सी मुस्कान ।।

नया कहेंगे हम जिसे, वही पुराना होय ।
दिन गुजरे रजनी ढ़ले, नित जागे नित सोय।। 5


नभ में कोहरा छा गया ,शीत हुआ बलवान I
ठिठुर ठिठुर कर कट रहा,निर्धन का दिनमान II 6

मोटी ऊनी चादरें, बचा रही है गाथ I
महबूबा सा लग रहा,अब विस्तर का साथ II 7

तापमान है शून्य पर,ठिठुर रहे है लोग I
सर्दी खांसी ज्वर अधिक, लगे शरद से रोग II 8

अब सत्ता से कीजिये,महंगाई पर बात ।
नए साल में नयी नयी ,देदे कुछ सौगात ।। 9

मुद्दों की तू बात कर ,दुखती नब्ज टटोल ।
इधर उधर में क्या रखा,अन्तस् के पट खोल ।। 10

मनकी बातें खोखली,करो काम की बात ।
निर्धन को कांदा नही,धन बल को खैरात ।। 11

कंपे फूस की झोपड़ी,तूफानी बरसात ।
ठिठुरन में बेबस कटी, शरद पूस की रात ।। 12

नये साल में छा गयी,अधरों पर मुस्कान ।
गौरी डूबा जश्न में , कर कर मदिरा पान ।। 13

यार सजाई महफिले,देख रह गया दंग ।
सुध बुध भूले बदन की,उड़ा रातभर रंग ।। 14 

बारह बजते ही चला, संदेशों का दौर ।
प्रियजन को देने लगे,हर पल का सिरमौर ।। 15
















बुधवार, 4 दिसंबर 2019

अर्थव्यवस्था पर दोहा

मौजूदा हालत पर दोहा निवेदित \n०३/१२/२०१९ मंगलवार 

जीडीपी है न्यूनतम बृहद भुखमरी आज 
आलू सड़को पर पड़ा सर से महंगी प्याज 



रुपेश धनगर मथुरा 
9410490520

प्रदुषण पर दोहे

दोहा सादर निवेदित 
 दिन बुधवार 4/12/2019

गली गली हर शहर में मचा हुआ है शोर 
जहर हवा में घुल रहा पतली जीवन डोर

भारत में अब खूब है उपदेशो का दौर 
चलते चलते फेंकते जो मिल जाए ठौर 

रुपेश धनगर मथुरा 
मो 9410490520

सोमवार, 2 दिसंबर 2019

कुण्डलिया प्रियंका रेड्डी के सन्दर्भ

०१/१२/२०१९ रविबार 
कुण्डलिया निवेदित सादर समीक्षार्थ 

मानव बना पिशाच सम इस बसुधा का भार 
जग जननी से कर रहा हर पल अत्याचार 
हर पल अत्याचार बड गयी है बेशर्मी
 गले फूल के हार पहनते है दुष्कर्मी 
कह धनगर पछताय छूट अब पाए दानव
 चंद कनक की दमक  दैत्य बन जाता मानव 

रुपेश धनगर  मथुरा 
9410490520

रविवार, 1 दिसंबर 2019

प्रियंका रेड्डी को न्याय मिले

०१/१२/२०१९  दिन रविबार

 सादर कुण्डलिया निवेदित 
सभी कवि जनो को यथा योग्य प्रणाम 

नारी जिन्दा जल रही ,गॉव गली बाजार 
 रक्षा ना कर पा रही भारत की सरकार 
भारत की सरकार सिर्फ जुमलों का ठेला
कंही निरकुंश तंत्र, कंही निर्दयी है रेला 
कह धनगर कविराय सह रही है लाचारी 
हत्यारो के सितम सह रही पग पग नारी 

रुपेश धनगर मथुरा 
9410490520