बुधवार, 20 नवंबर 2019

बेटा

  कैसे तुझे खिलाऊ
  कैसे तुझे मनाऊ 

तू रोयेगा दिल टूटेगा 
अश्को का सागर फूटेगा 
कैसे में बहलाऊ 


अहलादित हु तुझको पाकर 
तुझपर तन मन धन न्योछावर 
घी के दिए जलाऊ 



मुझको प्राणो से प्यारा है
 तू सूरज चंदा तारा है 
बार बार बलि जाऊ 



 तेरी आज बलाये लेलु 
घुटनो के बल संग में खेलु 
में  बचपन दोहराऊं


पूत मेरे में तेरी माँ हु 
आस मेरी तू ,में तेरी जा हु 
कैसे में समझाऊ 


ढेरो खेल खिलोने देकर 
बाल,कपोल सलोने छूकर 
ह्रदय से चिपटाऊ 



ऊँगली  पकड़ के तुझे घुमा दू 
अपना जीवन तुझे थमा दू 
कंधो पर बैठाऊ 


खुशियों से दामन को भर दू 
आज धरा पर एम्बर धर दू 
हीरे मोती   लुटबाऊ 



निंदिया रानी को बुलबाकर 
अमृत जैसा दूध पिलाकर 
लोरी तुझे सुनाऊ 


रुपेश धनगर मथुरा 
9410490520,9760986966

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